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Fri, 01 July 2022

मध्य प्रदेश की मंडियों में अप्रैल 2022 में 186.96 करोड़ की रिकॉर्ड आय दर्ज़

 भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक विकास नरवाल द्वारा वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश की समस्त 259 मंडियों के सचिवों एवं सातो संभागो के संभागीय अधिकारियों से चर्चा की गई। जिसमे प्रमुख रूप से मध्य...

 भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक विकास नरवाल द्वारा वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश की समस्त 259 मंडियों के सचिवों एवं सातो संभागो के संभागीय अधिकारियों से चर्चा की गई। जिसमे प्रमुख रूप से मध्य प्रदेश की मंडी समितियों के प्रांगण एवं मंडी क्षेत्रो में माह-अप्रैल 2022 में कृषि उपजों की दर्ज रिकॉर्ड आवक एवं आय की समीक्षा की गयी।  जिसमें गतवर्ष माह अप्रैल-2021 में कृषि उपजो की 66.90 लाख टन की तुलना में माह अप्रैल-2022 में कुल आवक 74.67 लाख टन रही है।

आय शीर्ष में अप्रैल-2021 की आय 67.84 करोड़ रूपये की तुलना में अप्रैल-2022 में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ रूपये 186.96 करोड़ रही| कृषि उपजों में प्रमुख रूप से चना में 35.38 प्रतिशत, मसूर में 112.17 प्रतिशत, सरसों में 177.91 प्रतिशत, फल सब्जियों मसालों में 173.87 प्रतिशत एवं गेंहूँ में आशातीत वृद्धि दर्ज की गई है|

प्रबंध संचालक द्वारा समीक्षा में समस्त मंडी सचिवों एवं संभागीय अधिकारियों को उक्त उपलब्धि के लिए प्रशंसा की गयी। साथ ही साथ आवक में कमी होने वाली मंडी समितियों के सचिवो को कारण स्पष्ट करने के लिए स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए गये। जिसमें मुख्य रूप से सीहोर, बरेली, बनापुरा, नरसिंहगढ़ मंडी शामिल है। साथ ही सांवेर, बड़नगर ,खरगोन तथा हरदा मंडी में कृषि उपजों की आवक कम होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की गई।

मध्य प्रदेश के किसान भाइयों का विश्वास मंडी समितियों की विपणन व्यवस्था पर कायम है इसी का परिणाम है कि मंडी समितियों में रिकॉर्ड आवक एवं आय दर्ज की गई है। किसान भाइयो को मंडी प्रांगण में अपनी उपज अधिक से अधिक विक्रय करने के संबंध में प्रचार प्रसार करने के भी निर्देश दिए गये। जो किसान भाई अपनी उपज मंडी प्रांगण में विक्रय हेतु नहीं ला पाते है वह किसान भाई सौदा पत्रक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी कृषि उपजो को मंडी समितियों के अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों को ही विक्रय करे।

 किसी भी स्थिति में किसान भाई अपनी उपजो को कच्ची पर्चियों पर विक्रय ना करें। लेखा सत्यापन कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। मंडी प्रांगणों में स्थापित असेयिंग लैबों को चालू स्थिति में रखा जाकर अधिक से अधिक कृषि उपजो के परीक्षण करने के निर्देश दिए गये। उक्त असेयिंग लैबों को अद्यतन स्थिति में क्रियाशील रखे जाने के निर्देश दिए गये। समीक्षा बैठक के अंत में प्रबंध संचालक द्वारा अबैध व्यापार पर नियंत्रण हेतु सतत निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में अपर संचालक डी. के. नागेन्द्र, एस.बी.सिंह, दिनेश द्विवेदी, अमर सेंगर, संयुक्त संचालक एच.आर. लारिया, अधीक्षण यंत्री जगदीश श्रीवास्तव, उप संचालक घनश्याम परदसानी, चीफ़ प्रोग्रामर संदीप चौबे, सहायक संचालक पीयूष शर्मा, अविनाश पाठे,अरविन्द परिहार, जनसंपर्क अधिकारी योगेश नागले उपस्थित रहे। Posted By: SATISH TEWARE


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