Sidebar Menu

Fri, 01 July 2022

छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर नक्सलियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए और 15 जवान घायल,एंबुश लगाकर पहले जवानों को फंसाया

गरियाबंद। छत्तीसगढ़-ओडिशा की सीमा पर मंगलवार को सुरक्षाबलों की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए और 15 जवान घायल हैं। दरअसल सीआरपीएफ की रोड ओपनिंग पार्टी ड्यूटी पर निकली थी। उसी दौरान हमला हो गया।...

गरियाबंद। छत्तीसगढ़-ओडिशा की सीमा पर मंगलवार को सुरक्षाबलों की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए और 15 जवान घायल हैं। दरअसल सीआरपीएफ की रोड ओपनिंग पार्टी ड्यूटी पर निकली थी। उसी दौरान हमला हो गया। जवानों ने भी नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। जानकारी मिली है कि नक्सलियों को पहले से इस बात की सूचना थी कि जवान यहां पर आने वाले हैं। इसलिए उन्होंने एंबुश लगाकर पहले जवानों को फंसाया। इसके बाद फायरिंग शुरू कर दी। 

जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के गरियाबंद इलाके से लगे ओडिशा के नुवापाड़ा जिले में सीआरपीएफ 19 बटालियन के जवान रोड ओपनिंग ड्यूटी पर निकले थे। वो अभी भैंसादानी थाना क्षेत्र के बड़ापारा के जंगल के पास पहुंचे थे, तभी जंगल से नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इसी फायरिंग में एएसआई-शिशुपाल सिंह, एएसआई-शिवलाल और कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र कुमार सिंह शहीद हो गए हैं। शिशुपाल सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले थे। शिवलाल महेंद्रगढ़ और धर्मेंद्र सिंह रोहतास के रहने वाले थे।

फायरिंग की आवाज आने पर जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। कहा जा रहा है कि मौके पर अभी भी 100 से ज्यादा नक्सली मौजूद हैं। फिलहाल सर्च अभियान तेज कर दिया गया है। साथी जवानों ने शहीद हुए जवानों के शव किसी तरह वहां से निकाले। जवानों के शव कैंप तक भेजे जा रहे हैं। नक्सलियों को कितना नुकसान हुआ है। अभी यह पता नहीं चल सका है।

मौके से कुछ हथियार भी बरामद किए गए गए हैं। घटनास्थल के पास में ही सीआरपीएफ का एक कैंप भी कुछ दिन पहले खुला है। यह इलाका नक्सलियों के कोर इलाके में गिना जाता है। Posted By: VILAS TIWARI


About Author

Leave a Comment