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Fri, 01 July 2022

द्रौपदी मुर्मु होंगी एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार:भाजपा संसदीय बोर्ड की मीटिंग में झारखंड की पूर्व राज्यपाल के नाम पर मुहर, विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाया

नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी  ने अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है भाजपा ने आदिवासी महिला को अपना उम्मीदवार बनाया है. द्रौपदी मुर्मू का नाम राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में एलान किया गया. भाजपा के...

नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी  ने अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है भाजपा ने आदिवासी महिला को अपना उम्मीदवार बनाया है. द्रौपदी मुर्मू का नाम राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में एलान किया गया. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने पत्रकार सम्मेलन में राष्ट्रपति उम्मीदवार की घोषणा की. उन्होंने कहा, 'हमने एनडीए की तरफ से द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मदीवार घोषित किया.

ससे पहले भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार के नाम पर मंथन के लिए मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में भाजपा की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था, संसदीय बोर्ड की बैठक हुई. बैठक में राष्ट्रपति चुनाव के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगा दी है. बैठक के दौरान ही भाजपा एनडीए गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों के नेताओं के साथ भी राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम को लेकर चर्चा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्य बैठक में मौजूद रहे.

भाजपा मुख्यालय पहुंचने पर नड्डा ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया. राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों की ओर से संयुक्त उम्मीदवार के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा गया है. राष्ट्रपति चुनाव में संख्या बल के आधार पर भाजपा नीत राजग मजबूत स्थिति में है और उसे यदि बीजद या आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस जैसे दलों का समर्थन मिल जाता है तो उसकी जीत निश्चित हो जाएगी.

बता दें कि मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है. विपक्षी उम्मीदवार के रूप में सिन्हा के नाम की घोषणा के बाद अगले राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए 18 जुलाई को मतदान होना अब तय माना जा रहा है. राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया जारी है. 29 जून नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है.

गौरतलब है कि भाजपा संसदीय बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक से पहले आज पूर्वाह्न अमित शाह और राजनाथ सिंह ने नड्डा के साथ उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की थी. इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि सत्ताधारी राजग उन्हें राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बना सकता है. नायडू सोमवार को दिल्ली से तीन दिवसीय यात्रा पर हैदराबाद पहुंचे थे. उन्होंने मंगलवार सुबह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पर्यटन मंत्रालय द्वारा सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और योगाभ्यास भी किया. इसके बाद उन्होंने अपनी यात्रा में कटौती की और वह मंगलवार को दिल्ली लौट आए.

द्रौपदी मुर्मू का राजनीतिक सफर : उल्लेखनीय है कि 18 मई 2015 को झारखंड की राज्यपाल के रूप में शपथ लेने के पहले द्रौपदी मुर्मू ओडिशा में दो बार विधायक और एक बार राज्यमंत्री के रूप में काम कर चुकी हैं. राज्यपाल के तौर पर पांच वर्ष का उनका कार्यकाल 18 मई 2020 को पूरा हो गया था, लेकिन कोरोना के कारण राष्ट्रपति द्वारा नई नियुक्ति नहीं किए जाने के कारण उनके कार्यकाल का स्वत: विस्तार हो गया था. अपने पूरे कार्यकाल में वह कभी विवादों में नहीं रहीं.

झारखंड के जनजातीय मामलों, शिक्षा, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर वह हमेशा सजग रहीं. कई मौकों पर उन्होंने राज्य सरकारों के निर्णयों में संवैधानिक गरिमा और शालीनता के साथ हस्तक्षेप किया. विश्वविद्यालयों की पदेन कुलाधिपति के रूप में उनके कार्यकाल में राज्य के कई विश्वविद्यालयों में कुलपति और प्रतिकुलपति के रिक्त पदों पर नियुक्ति हुई.

20 जून 1958 को ओडिशा में एक साधारण संथाल आदिवासी परिवार में जन्मीं द्रौपदी मुर्मू ने 1997 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की थी. वह 1997 में ओडिशा के रायरंगपुर में जिला बोर्ड की पार्षद चुनी गई थीं. राजनीति में आने के पहले वह मुर्मू राजनीति में आने से पहले श्री अरविंदो इंटीग्रल एजुकेशन एंड रिसर्च, रायरंगपुर में मानद सहायक शिक्षक और सिंचाई विभाग में कनिष्ठ सहायक के रूप में काम कर चुकी थीं. वह ओडिशा में दो बार विधायक रह चुकी हैं और उन्हें नवीन पटनायक सरकार में मंत्री पद पर भी काम करने का मौका मिला था। उस समय बीजू जनता दल और बीजेपी के गठबंधन की सरकार थी. ओडिशा विधान सभा ने द्रौपदी मुर्मू को सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए नीलकंठ पुरस्कार से भी नवाजा था। Posted By: PAHAL KUMAR


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