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Fri, 07 October 2022

संजय राउत के घर पहुंची ईडी:दादर का फ्लैट किया सील; नहीं कर रहे जांच में सहयोग, हिरासत में लेने की तैयारी

मुंबई। शिवसेना सांसद संजय राउत के भांडुप के बंगले मैत्री पर सुबह साढ़े सात बजे से ईडी की कार्रवाई जारी है। दस अफसरों की एक टीम ने राउत और उनके विधायक भाई सुनील राउत के कमरों की तलाशी ली। टीम ने उनसे और...

मुंबई। शिवसेना सांसद संजय राउत के भांडुप के बंगले मैत्री पर सुबह साढ़े सात बजे से ईडी की कार्रवाई जारी है। दस अफसरों की एक टीम ने राउत और उनके विधायक भाई सुनील राउत के कमरों की तलाशी ली। टीम ने उनसे और उनके परिवार वालों से पूछताछ कर रही है, वहीं एक टीम ने उनका दादर वाला फ्लैट सील कर दिया है। आरोप है कि संजय राउत ने यही फ्लैट पात्रा चॉल जमीन घोटाले के पैसे से खरीदा है। राउत के अलावा उनके दो करीबियों के घर भी टीम पहुंची।

महाराष्ट्र के 1034 करोड़ के पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में ईडी की टीम संजय राउत को हिरासत में लेने की तैयारी में है। राउत राउत जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए उन्हें ईडी दफ्तर ले जाया जा सकता है। ईडी दफ्तर पर पुलिस तैनात की गई है। राउत को 27 जुलाई 2022 को ईडी ने तलब किया था। वह अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे। राउत के घर उनके वकील विक्रांत सबने भी पहुंच गए हैं। शिंदे गुट के नेता रामदास कदम बोले- राउत बाल साहेब की जगह शरद पवार की शपथ लें। अगर करप्शन नहीं किया तो डर काहे का।शिंदे गुट के नेताओं के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट की ओर से दायर याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।यह कार्रवाई तब हो रही है, जब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आज दिल्ली में हैं।

ईडी की कार्रवाई शुरू होने के बाद संजय राउत ने ट्वीट करके अपनी सफाई दी। राउत ने कहा- मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। मैं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की शपथ लेकर यह कह रहा हूं। बालासाहेब ने हमें लड़ना सिखाया है। मैं शिवसेना के लिए लड़ना जारी रखूंगा। यह झूठी कार्रवाई है। झूठा सबूत है। मैं शिवसेना नहीं छोड़ूंगा। मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा। संजय राउत के घर पर ईडी के छापे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा- अगर राउत ने कुछ गलत नहीं किया है तो डर क्यों रहे हैं? वह MVA के बड़े नेता थे। ईडी ने पहले भी जांच की थी। अगर ईडी केंद्र सरकार के डर से काम करता है तो सुप्रीम कोर्ट को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।

संजय राउत के घर ईडी की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही शिवसेना कार्यकर्ता उनके घर के बाहर जमा होना शुरू हो गए हैं। कार्यकर्ता केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। यह मामला मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा चॉल से जुड़ा है। यह महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का भूखंड है। इसमें करीब 1034 करोड़ का घोटाला होने का आरोप है। इस केस में संजय राउत की नौ करोड़ रुपए और राउत की पत्नी वर्षा की दो करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हो चुकी है।

आरोप है कि रीयल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रहने वालों को देने थे। शेष MHADA और उक्त कंपनी को दिए जाने थे, लेकिन साल 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था।

2020 में महाराष्ट्र में सामने आए पीएमसी बैंक घोटाले की जांच हो रही थी, तभी प्रवीण राउत की कंस्ट्रक्शन कंपनी का नाम सामने आया था। तब पता चला कि बिल्डर की पत्नी के बैंक खाते से संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपए का कर्ज दिया गया था। ईडी की टीम इसी बात की जांच कर रही है कि ये ट्रांजेक्शन क्यों किया गया। आरोप है कि संजय राउत ने इसी पैसों से दादर में एक फ्लैट खरीदा था। प्रवीण राउत गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक हैं।

पात्रा चॉल केस में संजय राउत पर आरोप लगाने वालीं मराठी फिल्म प्रोड्यूसर स्वप्ना पाटकर को मुंबई पुलिस सुरक्षा देगी। स्वप्ना का आरोप है कि उसे पत्र प्राप्त मिला है, जिसमें पात्रा चॉल मामले में संजय राउत के खिलाफ अपना बयान वापस लेने के लिए दबाव डाला गया है। पुलिस इस केस में FIR भी कर सकती है। आपको बता दें, पिले दिनों एक ऑडियो वायरल हुआ था, इसमें राउत पर स्वप्ना को धमकाने की बात सामने आई थी। 70 सेकेंड के इस वीडियो में 27 बार गाली दी गई थीं। स्वप्ना ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनहें 18 महीने में कई बार धमकियां मिली हैं। उन्होंने ने मुंबई पुलिस कमिश्नर और ईडी को भी धमकियों के बारे में बताया है। Posted By: PAHAL KUMAR


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