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Fri, 07 October 2022

पात्रा चॉल घोटाले में गिरफ्तार संजय राउत को कोर्ट ने 4 अगस्त तक ईडी की कस्टडी में भेजा,परिवार से मिलने पहुंचे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे

मुंबई। पात्रा चॉल घोटाले में गिरफ्तार शिवसेना नेता संजय राउत को सोमवार को पीएमएलए कोर्ट ने 4 अगस्त 2022 तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट से 8 दिनों की कस्टडी मांगी थी। प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में...

मुंबई। पात्रा चॉल घोटाले में गिरफ्तार शिवसेना नेता संजय राउत को सोमवार को पीएमएलए कोर्ट ने 4 अगस्त 2022 तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट से 8 दिनों की कस्टडी मांगी थी। प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में कहा कि हमने 3 बार समन भेजा, लेकिन राउत जानबूझकर पेश नहीं हुए। इस मामले से जुड़े सबूतों से भी छेड़छाड़ की गई है।

उद्धव ठाकरे ने संजय राउत की गिरफ्तारी को गलत बताया है। ठाकरे ने कहा कि मुझे संजय राउत पर गर्व है। आज सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को जेल भेजा जा रहा है। संविधान को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। उद्धव बोले- मुझे मरना मंजूर है, पर झुकना नहीं।

बुधवार को साढ़े छह घंटे की पूछताछ की थी। इसके बाद रविवार शाम साढ़े पांच बजे भी राउत को ईडी ने बुलाया। 6 घंटे पूछताछ के बाद देर रात 12 बजे राउत को गिरफ्तार कर लिया गया। राउत की गिरफ्तारी के बाद उनके भाई सुनील राउत ने कहा कि गलत तरीके से उन्हें गिरफ्तार किया गया है। हमें गिरफ्तारी के संबंध में कोई कागज नहीं दिया गया है।

राउत की गिरफ्तारी के विरोध में महाराष्ट्र के पुणे, पिंपरी चिंचवाड़, नागपुर और जलगांव में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।  ईडी के अपर निदेशक सत्यव्रत कुमार ने रविवार को राउत पूछताछ की। आखिरी 2 घंटे की पूछताछ में पात्रा चॉल के एफएसआई घोटाले से कमाई गई मनी ट्रेल के बारे में पूछा। राउत के घर से मिले साढ़े 11.5 लाख कैश, अलीबाग और दादर फ्लैट के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और पैसे राउत के पैसे लौटाने की भी जानकारी मांगी।

सूत्रों के मुताबिक रविवार की पूछताछ में राउत कुछ सवालों के जवाब में या तो ये बोले कि नहीं जानता या अभी याद नहीं, लेकिन जो जानकारी उन्होंने दी उससे भी प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी संतुष्ट नहीं थे। पात्रा चॉल महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का भूखंड है। इसमें करीब 1034 करोड़ का घोटाला होने का आरोप है। इस केस में प्रवीण राउत की 9 करोड़ रुपए और संजय राउत की पत्नी वर्षा की दो करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हो चुकी है।

आरोप है कि रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3 हजार फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रहने वालों को देने थे। शेष MHADA और उक्त कंपनी को दिए जाने थे, लेकिन साल 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था।

साल 2020 में महाराष्ट्र में सामने आए पीएमसी बैंक घोटाले की जांच हो रही थी, तभी प्रवीण राउत की कंस्ट्रक्शन कंपनी का नाम सामने आया था। तब पता चला कि बिल्डर की पत्नी के बैंक खाते से संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपए का कर्ज दिया गया था। आरोप है कि संजय राउत ने इसी पैसों से दादर में एक फ्लैट खरीदा था।  'Posted By: SATISH TEWARE


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